IIT बॉम्बे में छात्रों का विरोध तेज, स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग

IIT बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद विरोध तेज है। छात्र स्वतंत्र जांच, प्रशासनिक जवाबदेही, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

संपादकीय सार (मुख्य बिंदु)Key Facts

  • १.छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • २.छात्रों ने स्वतंत्र जांच, प्रशासनिक जवाबदेही और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की है।
  • ३.निदेशक शिरीष केदारे ने छात्रों के मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • ४.साहिल के परिवार ने मानसिक प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
  • ५.पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच मुंबई अपराध शाखा को सौंप दी है।
IIT बॉम्बे में छात्रों का विरोध तेज, स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग
तस्वीर साभार: संपादकीय अपलोड

मुंबई: IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार रात संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की। छात्रों ने साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, प्रशासनिक जवाबदेही, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निदेशक ने छात्रों द्वारा रखे गए मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए, हालांकि संस्थान की ओर से कहा गया कि आगे की कार्रवाई तय प्रक्रिया के अनुसार होगी। 

स्वतंत्र जांच की मांग

छात्र चाहते हैं कि साहिल की मौत की जांच स्वतंत्र समिति से कराई जाए। इसमें छात्र प्रतिनिधियों के साथ बाहरी सदस्यों को शामिल करने की मांग भी की गई है। छात्रों ने जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में निगरानी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के निलंबन की मांग की है। साहिल के परिवार ने भी दुल्ला और अन्य संस्थान अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के शिक्षक मंच ने दुल्ला का समर्थन किया है। मंच के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा के दौरान अनधिकृत मोबाइल फोन के इस्तेमाल की जानकारी संस्थान को देकर निर्धारित शैक्षणिक प्रक्रिया का पालन किया था। 

मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार की मांग

छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाएं बेहतर करने और संस्थान में चौबीसों घंटे मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। छात्र प्रतिनिधित्व बढ़ाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग भी सामने आई है। 

जांच के बीच कई सवाल

साहिल के परिवार ने मानसिक प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है और जांच को मुंबई अपराध शाखा को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। 

अब छात्रों और संस्थान के बीच अगला महत्वपूर्ण कदम बैठक में तय मांगों पर होने वाली कार्रवाई होगी। निदेशक के हस्ताक्षर के बाद भी कई मुद्दों पर संस्थागत प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।