किसानों को 6% ब्याज पर 6 लाख तक का कर्ज, यूपी में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू हुई। पात्र छोटे और सीमांत किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण 6% प्रभावी ब्याज पर ले सकेंगे। सरकार ने 384 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और 5 साल में 5 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

संपादकीय सार (मुख्य बिंदु)Key Facts

  • १.योजना के तहत किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण मिलेगा।
  • २.प्रभावी वार्षिक ब्याज दर 6% होगी, जिसमें राज्य सरकार ब्याज अनुदान देगी।
  • ३.यह योजना उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से संचालित की जाएगी।
  • ४.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को योजना और इसके ई-पोर्टल का शुभारंभ किया।
  • ५.सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
किसानों को 6% ब्याज पर 6 लाख तक का कर्ज, यूपी में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू
तस्वीर साभार: संपादकीय अपलोड

उत्तर प्रदेश में छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण की लागत कम करने की कोशिश के तहत मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण 6 प्रतिशत की प्रभावी वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके लिए राज्य सरकार ने 384 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ योजना का ई-पोर्टल भी लॉन्च किया गया। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख किसानों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा है।

6 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान कैसे काम करेगा?

योजना मुख्य रूप से लघु और सीमांत किसानों के लिए है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण ले सकेंगे। समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से मिलने वाले ऐसे ऋण की मौजूदा ब्याज दर करीब 11 से 11.5 प्रतिशत बताई गई है। नई योजना में प्रभावी ब्याज दर को 6 प्रतिशत तक लाने का प्रावधान किया गया है।

योजना में केवल नए आवेदकों को ही नहीं, बल्कि बैंक के ऐसे पूर्व ऋणी सदस्यों को भी पात्रता में शामिल किया गया है जिनकी ऋण अदायगी नियमित रही है।

आवेदन कैसे होगा?

योजना उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से संचालित होगी। किसान बैंक की शाखा से ऋण आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए भूमि रिकॉर्ड, आधार, निवास प्रमाण और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

ऑनलाइन आवेदन के लिए ई-पोर्टल शुरू किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान पोर्टल पर आधार और मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण कर व्यक्तिगत, बैंक और भूमि संबंधी जानकारी भर सकते हैं तथा जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।

इसी कार्यक्रम में 'भारत टैक्सी' भी लॉन्च

मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत भी की। कार्यक्रम में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस और भारत टैक्सी के बीच समझौता भी प्रस्तावित था। भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र और कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र दिए जाने की जानकारी भी दी गई थी।

भारत टैक्सी सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। केंद्र सरकार के अनुसार इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करती है और इसमें ड्राइवरों को सदस्य तथा हिस्सेदार के रूप में जोड़ा जाता है।

असली सवाल अब क्रियान्वयन का

कृषक समृद्धि योजना का घोषित उद्देश्य किसानों के लिए दीर्घकालीन कृषि ऋण को कम लागत पर उपलब्ध कराना है। अब इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्र किसानों तक ऋण कितनी तेजी से पहुंचता है, ब्याज अनुदान की प्रक्रिया कितनी सुगम रहती है और पांच वर्षों में तय किए गए 5 लाख लाभार्थियों के लक्ष्य को किस तरह लागू किया जाता है।