निठारी कांड: करीब 19 साल जेल में रहने के बाद बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की 18 सितंबर 2026 को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस मौत के कारणों की जाँच कर रही है

संपादकीय सार (मुख्य बिंदु)Key Facts

  • १.सुरेंद्र कोली की मौत 18 सितंबर 2026 को हरिद्वार में हुई।
  • २.उनका शव उनकी चाय की दुकान के अंदर मिला।
  • ३.पुलिस शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
  • ४.कोली निठारी कांड के 13 मामलों में आरोपी थे और करीब 19 साल जेल में बिताए थे।
  • ५.उन्हें 2025 में सभी मामलों से बरी कर दिया गया था और वे हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहे थे।
निठारी कांड: करीब 19 साल जेल में रहने के बाद बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत
तस्वीर साभार: संपादकीय अपलोड

क्या हुआ था?

निठारी कांड के मामलों में करीब दो दशक जेल में बिताने वाले सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। 18 सितंबर की सुबह भूपतवाला इलाके में उसकी चाय की दुकान के अंदर शव मिला। पुलिस को शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मौत की वजह की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम के बाद होगी।

गिरफ्तारी से रिहाई तक की कहानी

सुरेंद्र कोली को निठारी कांड से जुड़े 13 मामलों में आरोपी बनाया गया था। 13 फरवरी 2009 को गाजियाबाद की अदालत ने रिम्पा हलदर हत्याकांड में उसे मौत की सजा सुनाई, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। 28 जनवरी 2015 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दया याचिका में देरी के आधार पर उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। 16 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट ने 12 अन्य मामलों में उसे बरी कर दिया और 30 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इन बरी किए जाने को बरकरार रखा। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मामले में भी कोली को बरी कर दिया।

रिहाई के बाद क्या कर रहा था?

जेल से बाहर आने के बाद कोली हरिद्वार में रहने लगा था और चाय की दुकान चला रहा था। 18 सितंबर 2026 को उसी दुकान के अंदर उसकी मौत हो गई। अब पुलिस उसकी मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।