यूपी MLC चुनाव: 11 सीटों पर मतदान पूरा, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग
5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 152 उम्मीदवार मैदान में; अंतिम सीटवार आंकड़ों में मतदान प्रतिशत 35.81% से 79.32% के बीच रहा। आगरा शिक्षक सीट के तीन बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है।
मुख्य बिंदु (Key Facts) संपादकीय सार
- १. यूपी MLC चुनाव: 11 सीटों पर मतदान पूरा, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग
- २. भारत - राजनीति
- ३. प्रारूप: Report
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उत्तर प्रदेश में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के कार्यालय की ओर से 24 अक्टूबर को जारी अंतिम सीटवार आंकड़ों के मुताबिक, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.32 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 35.81 प्रतिशत वोट पड़े। सभी सीटों की मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 14,81,310 थी और मतदान के लिए 2,697 केंद्र बनाए गए थे। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से हुआ। भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सभी 11 सीटों पर आमने-सामने थे।
सभी 11 सीटों के मतदान प्रतिशत
नीचे 24 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम सीटवार आंकड़े दिए गए हैं। इन्हें 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान जारी शुरुआती आंकड़ों से अलग समझना चाहिए।
निर्वाचन क्षेत्र | मतदान प्रतिशत |
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | |
आगरा स्नातक | 49.75% |
इलाहाबाद-झांसी स्नातक | 41.40% |
वाराणसी स्नातक | 41.11% |
लखनऊ स्नातक | 39.83% |
मेरठ स्नातक | 35.81% |
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | |
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | 79.32% |
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक | 73.69% |
वाराणसी शिक्षक | 69.87% |
आगरा शिक्षक | 59.82% |
मेरठ शिक्षक | 57.64% |
लखनऊ शिक्षक | 52.19% |
स्रोत: 24 अक्टूबर को प्रकाशित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अंतिम आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट।
इन आंकड़ों में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से अधिक रहा। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर लगभग पांच में से चार पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जबकि मेरठ स्नातक सीट पर मतदान एक-तिहाई के आसपास रहा। यह मतदान में भागीदारी का अंतर दिखाता है; इससे अपने-आप किसी उम्मीदवार की जीत या हार का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सीटवार प्रमुख उम्मीदवार
भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच प्रमुख मुकाबलों की सूची इस प्रकार है।
सीट | भाजपा उम्मीदवार | सपा उम्मीदवार |
लखनऊ स्नातक | अवनीश कुमार सिंह | कांति सिंह |
आगरा स्नातक | डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह | आकाश अग्रवाल |
मेरठ-सहारनपुर स्नातक | दिनेश गोयल | प्रमेंद्र भाटी |
वाराणसी-मिर्जापुर स्नातक | केदारनाथ सिंह | आशुतोष सिन्हा |
इलाहाबाद-झांसी स्नातक | अशोक कुमार राठौर | डॉ. मान सिंह यादव |
लखनऊ शिक्षक | उमेश द्विवेदी | सुशील कुमार पटेल |
मेरठ-गाजियाबाद शिक्षक | श्रीचंद शर्मा | नितिन कुमार तोमर |
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक | डॉ. हरि सिंह ढिल्लों | हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर |
वाराणसी शिक्षक | डॉ. प्रमोद मिश्रा | लाल बिहारी यादव |
आगरा-अलीगढ़ शिक्षक | हरि किशोर तिवारी | डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता |
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | ध्रुव त्रिपाठी | डॉ. संजयन त्रिपाठी |
नोट: यह भाजपा और सपा के प्रमुख उम्मीदवारों की सूची है, सभी 152 उम्मीदवारों की सूची के लिए चुनाव आयोग की वेबसाईट देखें।
मतदान के दौरान विवाद और चुनावी शिकायतें
1. आगरा शिक्षक सीट के तीन बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी ने तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश भारत निर्वाचन आयोग को भेजी है। ये केंद्र हैं:
खेरागढ़ तहसील परिसर — बूथ संख्या 20
सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय — बूथ संख्या 21
फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय — बूथ संख्या 26
24 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आयोग का फैसला प्रतीक्षित था और सिफारिश के कारणों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक रिपोर्ट में नहीं दिया गया था। इसलिए इसे मंजूर हो चुका पुनर्मतदान नहीं कहा जा सकता।
2. गोरखपुर और फतेहपुर में विवाद
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में भाजपा और सपा समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। दोनों पक्षों ने मतदान प्रक्रिया प्रभावित करने के आरोप लगाए। फतेहपुर जिले के विजयपुर ब्लॉक में भी मतदान केंद्र के बाहर विवाद की खबर आई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति नियंत्रित की; जबरन मतदान और बूथ पर कब्जे के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उस रिपोर्ट में नहीं थी।
3. मतदाता सूची में गलत प्रविष्टियों का मामला
चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरण गलत दर्ज होने का मामला सामने आया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 14.81 लाख प्रविष्टियों में से 158 में असामान्य या गलत विवरण पाए गए। बताया गया कि अंग्रेजी नामों को हिंदी में बदलने वाले सॉफ्टवेयर ने कुछ मामलों में लिप्यंतरण के बजाय अनुवाद कर दिया। अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया और जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि सूची की त्रुटियों के कारण किसी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित न किया जाए।
राजनीतिक महत्व और आगे की प्रक्रिया
यह चुनाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, इसलिए भाजपा और सपा दोनों के लिए इसके राजनीतिक मायने हैं। हालांकि, विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटों का मतदाता वर्ग सामान्य विधानसभा चुनाव के मतदाता वर्ग से अलग होता है। इसलिए इन नतीजों को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।
अगली तारीख: 27 अक्टूबर 2026। इसी दिन मतगणना प्रस्तावित है। आगरा शिक्षक सीट के तीन बूथों पर पुनर्मतदान संबंधी सिफारिश पर निर्वाचन आयोग का निर्णय भी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। परिणाम घोषित होने तक किसी भी सीट पर विजेता का नाम बताना जल्दबाजी होगी।