क्यूबा पर अमेरिका का रुख बदला? रुबियो बोले, बदलाव की दिशा में आगे बढ़े हवाना तो बातचीत संभव
क्यूबा को लेकर अमेरिका ने बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि हवाना अगर राजनीतिक और आर्थिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू करता है तो वॉशिंगटन मदद के लिए तैयार है। क्यूबा ने अभी किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की है।
संपादकीय सार (मुख्य बिंदु)Key Facts
- १.अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के साथ बातचीत की संभावना जताई है।
- २.बातचीत की शर्त यह है कि क्यूबा को राजनीतिक और आर्थिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
- ३.राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा की मौजूदा व्यवस्था पर तीखा हमला किया था।
- ४.अमेरिका ने क्यूबा पर छह दशक से अधिक समय से व्यापार प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
- ५.क्यूबा सरकार ने अभी तक किसी मौजूदा बातचीत की पुष्टि नहीं की है और अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की है।

क्या क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति अब केवल दबाव तक सीमित नहीं रहेगी? संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन हवाना के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए क्यूबा के नेतृत्व को बदलाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ऐसे कदमों में मददगार भूमिका निभाने को तैयार है, अगर क्यूबा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार हो।
रुबियो के बयान में बातचीत की शर्त के तौर पर किसी एक समझौते या समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने क्यूबा में राजनीतिक और आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में बदलाव की बात की और कहा कि यह प्रक्रिया आसान या तत्काल नहीं होगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका क्यूबा के कुछ नेताओं के साथ काम करने की संभावना देख सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा की मौजूदा व्यवस्था पर तीखा हमला किया था। ट्रंप ने कहा था कि उनका प्रशासन क्यूबा की स्थिति में बुनियादी बदलाव चाहता है। उनके भाषण के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल महासभा कक्ष से बाहर चला गया।
अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव नया नहीं है। 1959 की क्यूबा क्रांति के बाद दोनों देशों के संबंध लंबे समय तक टकराव में रहे हैं और अमेरिका ने क्यूबा पर छह दशक से अधिक समय से व्यापार प्रतिबंध बनाए रखे हैं। मौजूदा अमेरिकी प्रशासन ने इस दबाव को और बढ़ाया है। रॉयटर्स के अनुसार, इस साल अमेरिका ने क्यूबा पर तेल से जुड़ा दबाव भी बढ़ाया है, जबकि क्यूबा ईंधन की कमी और बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है।
क्यूबा सरकार का रुख फिलहाल अलग है। हवाना ने अमेरिका के साथ किसी मौजूदा बातचीत की पुष्टि नहीं की है। क्यूबा के अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों को देश की आर्थिक मुश्किलों से जोड़ते हुए उनकी आलोचना की है। क्यूबा सरकार का दावा है कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच अमेरिकी प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था को करीब 8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यह क्यूबा सरकार का दावा है, इसलिए इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े के रूप में नहीं पेश किया जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम में फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका ने बातचीत की संभावना को बदलाव की शर्त से जोड़ा है, जबकि क्यूबा ने ऐसी किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे अभी दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ता कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल रुबियो का बयान यह जरूर दिखाता है कि अमेरिकी दबाव के साथ-साथ राजनीतिक बदलाव की स्थिति में बातचीत के लिए एक रास्ता खुला रखा गया है।
पूरा घटनाक्रम क्या है ?
क्यूबा में क्रांति के बाद नई सरकार सत्ता में आई
फुल्गेंसियो बतिस्ता की सरकार के पतन के बाद फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में नई व्यवस्था स्थापित हुई।
अमेरिका ने क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए
क्यूबा सरकार द्वारा अमेरिकी संपत्तियों के अधिग्रहण और सोवियत संघ के साथ बढ़ते संबंधों के बीच अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंध लागू किए।
अमेरिका और क्यूबा के राजनयिक संबंध टूटे
अमेरिका ने क्यूबा के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध समाप्त कर दिए।
बे ऑफ पिग्स आक्रमण
अमेरिका समर्थित क्यूबाई निर्वासितों ने क्यूबा में फिदेल कास्त्रो की सरकार को हटाने के लिए असफल सैन्य अभियान चलाया।
क्यूबा मिसाइल संकट
क्यूबा में सोवियत मिसाइलों की तैनाती के बाद अमेरिका और सोवियत संघ आमने-सामने आ गए। संकट के बाद सोवियत मिसाइलें क्यूबा से हटाई गईं।
अमेरिका ने व्यापक व्यापार प्रतिबंध लागू किए
अमेरिका ने क्यूबा के साथ व्यापार पर व्यापक प्रतिबंध लागू किए, जो आगे चलकर दोनों देशों के संबंधों की केंद्रीय नीति बन गए।
अमेरिका-क्यूबा संबंधों में सुधार की शुरुआत
बराक ओबामा और राउल कास्त्रो ने लंबे टकराव के बाद संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।
दोनों देशों ने राजनयिक संबंध बहाल किए
अमेरिका और क्यूबा ने औपचारिक राजनयिक संबंध फिर शुरू किए और दोनों देशों में दूतावास दोबारा खोले गए।
ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा नीति फिर सख्त की
डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने ओबामा दौर में शुरू किए गए कई प्रतिबंधों को फिर मजबूत किया।
अमेरिका ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाया
ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के खिलाफ आर्थिक और यात्रा संबंधी प्रतिबंधों को मजबूत करने वाली नई नीति जारी की।
अमेरिका ने क्यूबा पर ऊर्जा क्षेत्र में दबाव बढ़ाया
अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा को तेल की आपूर्ति से जुड़े देशों पर अतिरिक्त दबाव डालने की नीति अपनाई, जिससे द्वीप की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा।
क्यूबा के खिलाफ नए अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिका ने क्यूबा के सरकारी तंत्र और उससे जुड़े व्यक्तियों व संस्थाओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए।
अमेरिका ने 11 क्यूबाई संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए
मार्को रुबियो ने क्यूबा के निकेल क्षेत्र, सैन्य अनुसंधान और सैन्य अधिकारियों से जुड़ी 11 संस्थाओं और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की।
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में क्यूबा पर दबाव बढ़ाने की बात कही
डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था पर हमला किया और अपने प्रशासन के दबाव को जारी रखने की बात कही।
रुबियो ने बातचीत की संभावना का संकेत दिया
मार्को रुबियो ने कहा कि अगर क्यूबा राजनीतिक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ता है तो अमेरिका उसके साथ काम करने और मदद करने के लिए तैयार है।
